The Definitive Guide to Dushman shanti
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मन का तंत्र : मंत्र को सिद्ध करने के लिए पवित्रता और मंत्र के नियमों का पालन तो करना जरूरी ही है साध ही यह समझना भी जरूरी है कि मंत्र को सिद्ध करने का विज्ञान क्या है। मन को एक तंत्र में लाना ही मंत्र होता है।
शत्रु निवारण: शत्रुओं से बचाव और उनकी गलत नीयत को समाप्त करने में शाबर मंत्र प्रभावी होते हैं।
उत्तर बांधों, दक्खिन बांधों, बांधों मरी मसान, डायन भूत के गुण बांधों, बांधों कुल परिवार, नाटक बांधों, चाटक बांधों, बांधों भुइयां वैताल, नजर गुजर देह बांधों, राम दुहाई फेरों।
साधना में बताए गये अनुष्ठान के दिनों तक बिना आलस्य के प्रतिदिन जप अवश्य करें।
अगले पन्ने पर ऐसा सिद्ध होता है कोई मंत्र...
जियति संचारे। किलनी पोतनी। अनिन्तुश्वरि करे।
मंत्र के द्वारा हम खुद के मन या मस्तिष्क को बुरे विचारों से दूर रखकर उसे नए और अच्छे विचारों में बदल सकते हैं। लगातार अच्छी भावना और विचारों में रत रहने से जीवन में हो रही बुरी घटनाएं रुक जाती है और अच्छी घटनाएं होने लगती है। यदि आप सात्विक रूप से निश्चित समय और निश्चित स्थान पर बैठक मंत्र प्रतिदिन मंत्र का जप करते हैं तो आपके मन में आत्मविश्वास बढ़ता है साथ ही आपमें आशावादी दृष्टिकोण भी विकसित होता है जो कि जीवन के लिए जरूरी है।
इसके बाद जब सूर्य ग्रहण खत्म हो जाए तब आपने जो भी कपड़े पहने हुए हैं उसी के साथ जाकर पानी से स्नान कर ले. इस तरह सूर्य ग्रहण की अवधि में आपके द्वारा जाप किए गए साबर मंत्र का असर होने लगेगा और उसकी सिद्धि हो जाएगी, सिद्ध होने के बाद आप साबर मंत्र का इस्तेमाल दूसरों की भलाई के लिए कर सकते हैं.
आसन का उपयोग:- कुश, ऊन, या रेशमी आसन पर बैठकर जाप करें। आसन का रंग सफेद, लाल या पीला होना शुभ माना जाता है।
अब आप यह सोच रहे होंगे कि आखिर इसका असर हमारे ऊपर कैसे get more info पढ़ता है तो आपकी जानकारी के लिए बता दें कि जब सूर्य ग्रहण या चंद्र ग्रहण लगता है तो इसका प्रभाव सीधा हमारी राशियों पर आता है.
हर मंत्र की प्रत्येक विधि होती है, उसी का पालन करें।
भोजन और आहार में संयम:- साधना के दौरान मांस, मदिरा और अन्य तामसिक पदार्थों का त्याग करें। सात्विक आहार ग्रहण करें।